भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हो और मैदान पर रोमांच न हो... ऐसा भला कैसे हो सकता है। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ भारत की शानदार जीत की नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो की भी है... जिसमें कुछ पाकिस्तानी दर्शकों की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां विवाद का कारण बन गई हैं। वीडियो में भारतीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ को लेकर उनकी लैंगिक पहचान और रूप-रंग पर बेहद आपत्तिजनक बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सवाल उठने लगा कि भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता क्या अब खिलाड़ियों के व्यक्तिगत सम्मान की सीमा भी पार करने लगी है?
आखिर पूरा विवाद क्या है चल जानते हैं विस्तार से। मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं... मुकाबला महिला एशिया कप टी20 का था... लेकिन मैच के दौरान रिकॉर्ड हुआ एक कथित वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गया है।
एक्स पर सामने आए वीडियो में कुछ पाकिस्तानी दर्शकों की आवाजें सुनाई देती हैं। दावा है कि इनमें भारतीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ के रूप-रंग और लैंगिक पहचान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया और दर्शकों के व्यवहार की आलोचना की।
हालांकि, इस वीडियो में नजर या आवाज आ रहे लोगों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए वीडियो में किए जा रहे दावों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
लेकिन वीडियो ने एक पुरानी बहस को जरूर फिर सामने ला दिया है- क्या मैदान पर प्रतिद्वंद्विता के नाम पर खिलाड़ियों की व्यक्तिगत पहचान, रूप-रंग या निजी विशेषताओं को निशाना बनाया जा सकता है?
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में भावनाएं और जुनून हमेशा से देखने को मिलता रहा है। लेकिन फैंस का कहना है कि अपनी टीम का समर्थन करने और विरोधी खिलाड़ी का अपमान करने के बीच एक साफ सीमा होनी चाहिए। खासकर महिला खिलाड़ियों को लेकर सोशल मीडिया और स्टेडियम में की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियां खेल भावना के लिए चिंता का विषय रही हैं।
वहीं अगर मुकाबले की बात करें तो मैदान पर भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पूरी तरह पस्त कर दिया।
पाकिस्तान की पूरी टीम महज 55 रन पर ऑलआउट हो गई। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का अब तक का सबसे कम स्कोर बताया गया। शुरुआत में पाकिस्तान ने 27 रन तक बिना विकेट गंवाए अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरी पाकिस्तानी पारी बिखर गई।
श्री चरणी और प्रेमा रावत पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर कहर बनकर टूटीं। दोनों ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। श्री चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि प्रेमा रावत ने नौ रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
दीप्ति शर्मा ने भी पांच रन देकर दो विकेट लिए। नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तान ने 27 रन के स्कोर से सिर्फ नौ रन के भीतर छह विकेट गंवा दिए और स्कोर 27 रन पर बिना विकेट से 36 रन पर छह विकेट हो गया।
55 रन के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने भी ज्यादा वक्त नहीं लिया। भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट गंवाकर 56 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर 18 रन बनाकर नाबाद रहीं और छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद लौटीं।
यानी एक तरफ मैदान पर भारतीय महिला टीम का दबदबा रहा... तो दूसरी तरफ स्टेडियम से सामने आए कथित वीडियो ने खेल भावना और खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी। भारत-पाकिस्तान मुकाबले की प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है, लेकिन क्रिकेट का रोमांच तभी खूबसूरत है, जब मुकाबला कड़ा हो... और खिलाड़ियों का सम्मान भी बरकरार रहे। भारत की इस जीत के साथ महिला टी20 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ उसका रिकॉर्ड भी और मजबूत हुआ। दोनों टीमों के आठ मुकाबलों में भारत की यह सातवीं जीत है।