जांजगीर-चांपा जिले की कोतवाली पुलिस ने ठगी के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और इन्होंने जांजगीर के वार्ड 14 निवासी प्रमोद कुमार पांडे से ट्रेन में दोस्ती कर 6.5 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों को जांजगीर बुलाकर हिरासत में लिया। प्रमोद कुमार पांडे ने 25 जून 2025 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 20 मई 2025 को वह अपने परिवार के साथ उत्तराखंड की तीर्थ यात्रा पर ट्रेन से जा रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात कृष्णानंद सिंह नामक युवक से हुई, जिसने खुद को एम्स ऋषिकेश का एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र बताया और अपनी बर्थ प्रमोद के साथ साझा की। यात्रा के दौरान बातचीत से परिचय बढ़ा। सुबह प्रमोद का बैग चोरी हो गया, जिसे कृष्णानंद ने रेलवे पुलिस से परिचय का दावा करते हुए वापस दिलाने का आश्वासन दिया और उनका मोबाइल नंबर लिया। कृष्णानंद ने पारिवारिक समस्या का हवाला देकर 16 मई को फोन-पे के जरिए 50 हजार रुपये उधार मांगे, जो 18 जून को लौटा दिए। इसके बाद 20 मई को प्रमोद का परिवार घर लौट आया। कृष्णानंद ने प्रमोद को सूचित किया कि उनका खोया बैग मिल गया है और उसे कुरियर से जांजगीर भेज दिया। इससे प्रमोद का विश्वास बढ़ गया। 26 मई को कृष्णानंद ने फिर संपर्क किया और अपने पिता से बात कराते हुए चंडीगढ़ में जमीन रजिस्ट्री के लिए 6.5 लाख रुपये उधार मांगे, दो दिन में लौटाने का वादा किया। प्रमोद ने दोस्ती के भरोसे राशि आरटीजीएस कर दी। इसके बाद आरोपी ने 31 मई को 70 हजार और 18 जून को 5 हजार रुपये फोन-पे से लौटाए, लेकिन शेष राशि के लिए टालमटोल करने लगा। 23 जून को उसने फिर 5 लाख रुपये की मांग की, तब प्रमोद को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने प्रमोद के बड़े भाई बनकर कृष्णानंद से फोन पर बात की और 5 लाख रुपये देने के लिए नोटरी दस्तावेज के बहाने उसे जांजगीर बुलाया। कृष्णानंद ने नैला रेलवे स्टेशन पर अकेले आने को कहा, लेकिन वह अपने साथी सर्वेश पांडे के साथ 25 जून की रात पहुंचा। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में ले लिया। जांजगीर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ट्रेन में अजनबियों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। बातचीत को पैसे के लेन-देन तक न बढ़ने दें, क्योंकि यह ठगी का कारण बन सकता है। पूछताछ में कृष्णानंद सिंह (बलिया, उत्तर प्रदेश) और सर्वेश पांडे (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) ने ठगी की साजिश कबूल की। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रमोद का बैग चोरी करवाया और उसे वापस भेजकर विश्वास जीता। सर्वेश को पिता बनाकर प्रमोद से बात कराई और 6.5 लाख रुपये ठगे। वे और राशि ऐंठने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को धारा 318(4), 3(5) बीएनएस और 66 डी आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।