जांजगीर-चांपा जिले के धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों पर धान शॉर्टेज मामलों में दर्ज एफआईआर का विरोध तेज हो गया है। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों के माध्यम से होता है। इसमें धान खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक, समिति अध्यक्ष, नोडल अधिकारी और भंडारण प्रभारी जैसे कई प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार रहते हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका केवल तकनीकी कार्य और ऑनलाइन डेटा एंट्री तक सीमित होती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में धान कमी के मामलों में बिना प्रत्यक्ष साक्ष्य तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पूरे कंप्यूटर ऑपरेटर वर्ग में भय और मानसिक तनाव का माहौल बन गया है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों को न तो वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं और न ही धान के भौतिक सत्यापन, सुरक्षा या स्टॉक प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। उनका कार्य केवल किसान पंजीयन, टोकन एंट्री, पोर्टल संचालन और रिपोर्ट प्रिंट तक सीमित रहता है। इसके बावजूद उन्हें ही आरोपी बनाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। ऑपरेटर संघ ने शासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटरों की कार्य-जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से पृथक निर्धारित करने की भी मांग की है।