फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जगदलपुर में युवा कांग्रेस ने की अवैध शराब बिक्री और सेवन पर सख्त कार्रवाई की मांग

जगदलपुर शहर में विभिन्न ढाबों, होटलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमों की अनदेखी कर खुले आम शराब परोसी जा रही है और उसका अवैध सेवन हो रहा है, यह स्थिति न केवल आबकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी जन्म दे रही है। युवा कांग्रेस बस्तर लोकसभा समन्वयक आदित्य सिंह बिसेन ने कहा प्रदेश की भाजपा सरकार एक तरफ हजारों स्कूलों को बंद करके छात्रों को शिक्षा से वंचित कर रही है और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ को मदिरालयगढ़ बनाने में लगी हुई है, प्रदेश में 67 से ज्यादा नए शराब के दुकान खोलने का निर्णय लिया है, यह फैसला अत्यंत दुर्भाग्यवपूर्ण है। जगदलपुर शहर में निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक बार संचालकों द्वारा शराब परोसी जा रही है और बार बंद होने के बाद भी शराब की आपूर्ति देर रात 2 बजे तक जारी रहती है, जिससे सामाजिक और कानून व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, साथ ही होटल एवं ढाबा संचालकों द्वारा शराब प्रेमियों को बिना लाइसेंस खुले आम शराब परोसा जा रहा है,इससे आबकारी विभाग और होटल व बार संचालकों की मिलीभगत का संदेह भी प्रकट होता है, सरकारी शराब दुकान परिसर में एवं अन्य शासकीय परिसर में खुलेआम शराब सेवन की घटनाएं हो रही है ऐसी घटनाओं से आबकारी विभाग एवं प्रशासन की निष्क्रियता का पता चलता है, लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, ओवर रेटिंग की समस्या से पूरे जिले के उपभोक्ताओं से शराब की खरीद पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूला जा रहा है, हर बोतल के पीछे 10 रुपए से 50 रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, 29 मार्च 2025 को जारी छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के आबकारी नियम 2025 FL-5 FL-5(क) के अनुसार एकदिवसीय लाइसेंस से सांस्कृतिक आयोजनों में जैसे क्रिकेट मैच, नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम, शादी एवं नए साल के आयोजनों में अत्यधिक शराब सेवन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पारंपरिक एवं सामाजिक मूल्यों पर गहरा असर पड़ रहा है, प्रदेश का युवा वर्ग नौकरी और शिक्षा से परे नशा करने की दिशा में खुद सरकार के द्वारा प्रेरित किया जा रहा है, यह मुद्दा न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा हुआ है, प्रशासन से अपेक्षा है कि वह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर समाज में अनुशासन एवं कानून के प्रति सम्मान बनाए रखे, अगर आबकारी विभाग द्वारा जल्द ही हमारी सभी मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो युवा कांग्रेस आने वाले समय में आबकारी विभाग की अर्थी निकालने से लेकर उग्र आंदोलन करने बाध्य होगी,

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें