छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में लागू किए गए VSK ऐप (विद्या समीक्षा केंद्र एप) को लेकर जिले के शिक्षकों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ती जा रही है। ऐप डाउनलोड करने के बाद शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन पर अनजान कॉल और साइबर ठगी से जुड़े फोन आने की शिकायतें सामने आई हैं। इसी समस्या से परेशान होकर जिले के बड़ी संख्या में शिक्षक–शिक्षिकाओं ने सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया, जिसे जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक प्रेषित किया गया है।फेडरेशन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि संगठन ऑनलाइन उपस्थिति, समीक्षा या मॉनिटरिंग व्यवस्था के विरोध में नहीं है, लेकिन शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन में VSK ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल कराने के आदेश को अनुचित बताया है। संगठन का कहना है कि निजी मोबाइल में इस तरह के शासकीय ऐप की अनिवार्यता से शिक्षकों की व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल डेटा, कॉन्टैक्ट लिस्ट और गोपनीयता को लेकर गंभीर खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि जैसे ही वे VSK ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करते हैं, वैसे ही उनके फोन पर अनजान कॉल आने लगते हैं। फोन करने वाले लोग कभी खुद को साइबर सेल का अधिकारी, तो कभी किसी विभागीय अधिकारी के रूप में परिचय देते हैं, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से परेशान और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि यह स्थिति साइबर ठगी की आशंका को और मजबूत करती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में कई शिक्षक ऐसे हैं जिनके पास स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं हैं या वे तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। वहीं जिले के ग्रामीण, दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की गंभीर समस्या है, जिसके चलते ऐप का नियमित और सुचारु उपयोग व्यवहारिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है।फेडरेशन ने शासन से मांग की है कि शिक्षकों पर निजी मोबाइल में VSK ऐप इंस्टॉल करने का दबाव न बनाया जाए और इसके लिए वैकल्पिक एवं व्यावहारिक व्यवस्था की जाए, ताकि शिक्षकों की सुरक्षा, गोपनीयता और कार्य सुविधा बनी रहे।इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा, ताकि शासन स्तर पर इस पर विचार कर उचित निर्णय लिया जा सके।