गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के हाई स्कूल मैदान में चल रही जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज की श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय पहुंची। उनके पहुंचने पर कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और पूरा पंडाल जय श्रीराम और राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। मंच से जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कौशल्या साय के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि ये हमारी पुत्रवधु हैं, और जब पुत्रवधु पहली बार ससुर के पास आती है तो उन्हें कुछ न कुछ देना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी संपादित 'रामचरितमानस' की प्रति कौशल्या साय को सौंपते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। कथा के दौरान जगतगुरु ने छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ा एक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कमल खिला और भाजपा की सरकार बनी, तब मुझसे पूछा गया कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए। तब मैंने कहा था कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बनाया जाए। मंच पर आते ही कौशल्या साय ने श्रद्धालुओं का राधे-राधे कहकर अभिवादन किया और रामायण की एक चौपाई का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने कहा कि धन्य हैं छत्तीसगढ़वासी, जिनकी भूमि पर ऐसे महापुरुष के चरण पड़े हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी का ज्ञान और भक्ति इस युग में दुर्लभ है।