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जीपीएम : दुनिया का सबसे छोटा सांप, अंदरौटा सांप में नहीं होता जहर, इंसानों को नहीं पहुंचाता नुकसान

Fri, 20 Feb 2026 02:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

गौरेला पेंड्रा मरवाही में दुनिया का सबसे छोटा साँप कहे जाने वाले ब्लाइंड स्नेक “अंदरौटा साँप” को लेकर लोगों में अक्सर जिज्ञासा बनी रहती है। आकार में बेहद छोटा और केंचुए जैसा दिखने वाला यह साँप घरों, बाड़ियों और खेतों के आसपास आसानी से दिखाई दे जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह साँप जहरीला नहीं होता, इसलिए इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।

पेंड्रा के स्नेक मैन द्वारिका कोल ने बताया कि ब्लाइंड स्नेक, जिसे स्थानीय भाषा में अंदरौटा साँप कहा जाता है, आकार में बहुत छोटा होता है। इसी वजह से आम लोग इसे दुनिया का सबसे छोटा साँप मानते हैं। यह प्रजाति आमतौर पर मिट्टी के भीतर, पत्थरों के नीचे या नम स्थानों में पाई जाती है। उन्होंने बताया कि यह साँप पूरी तरह से गैर-जहरीला होता है और इंसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता। बल्कि यह कीट-पतंगों और छोटे जीवों को खाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

द्वारिका कोल ने लोगों से अपील की है कि यदि घर या आसपास इस तरह का छोटा साँप दिखाई दे तो उसे मारने के बजाय तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय वन विभाग को सूचना दें। जागरूकता की कमी के कारण कई बार लोग निर्दोष और उपयोगी सांपों को भी नुकसान पहुंचा देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंदरौटा जैसे छोटे और गैर-जहरीले साँपों के प्रति भय नहीं, बल्कि संरक्षण की भावना रखनी चाहिए।  

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