गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर रविवार को बड़ा हादसा टल गया। बांसाझाल गांव के पास पुल का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे पुल से गुजर रही यात्री बस बीच में फंस गई। समय रहते चालक की सूझबूझ और ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जिले को बिलासपुर और रतनपुर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। ग्राम पंचायत बांसाझाल के पास स्थित पुल का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे पेंड्रा से बिलासपुर जा रही एक यात्री बस पुल के बीचों-बीच फंस गई। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस जैसे ही पुल पर पहुंची, तभी तेज आवाज के साथ पुल में दरार आई और उसका एक हिस्सा धंस गया। इससे बस का अगला हिस्सा नीचे की ओर झुक गया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस रोक दी, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद करा दिया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग मध्यप्रदेश के शहडोल, अनूपपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को बिलासपुर और रतनपुर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं, इसलिए पुल का धंसना गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने पुल की तत्काल तकनीकी जांच कर शीघ्र मरम्मत कराने और आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल का तकनीकी निरीक्षण कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया है।