मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी नगर निगम के बरतुंगा क्षेत्र में मुख्य सड़क को रातों-रात बंद किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि एसईसीएल ने सुरक्षा के नाम पर सड़क पर गड्ढे खोदकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया, लेकिन लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई।
बरतुंगा से बड़ी बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण अब उन्हें करीब 7 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे समय के साथ-साथ ईंधन का अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों ने एसईसीएल द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा फेंसिंग की व्यवस्था नहीं होने से स्कूली बच्चों और आम राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
नागरिकों के मुताबिक सड़क बंद नहीं करने को लेकर पहले ही एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद मुख्य सड़क को खोदकर आवागमन रोक दिया गया। लोगों ने मांग की है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और मुख्य सड़क को जल्द बहाल किया जाए।
मामले को लेकर मौके पर चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय, पूर्व विधायक विनय जायसवाल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।