ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में बुधवार को ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का असर सरगुजा जिला के अंबिकापुर शहर में भी देखने को मिला। सरगुजा औषधि विक्रेता संघ के समर्थन में शहर की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे दवा कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त निगरानी और सत्यापन के दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति से नकली, एक्सपायरी अथवा गलत दवाइयों के उपयोग की आशंका बढ़ रही है। इसके अलावा युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की संभावना भी लगातार बढ़ रही है।
केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उत्पादों की बिक्री केवल अधिकृत और पंजीकृत मेडिकल स्टोरों के माध्यम से ही होनी चाहिए, ताकि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली दवाओं के स्रोत और गुणवत्ता की पारदर्शिता को लेकर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई है।
संघ के कोषाध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े नियम लागू करने चाहिए। वहीं संघ के सदस्य नरेंद्र सिंह टुटेजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई, तो केमिस्ट संगठन भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा। हड़ताल के दौरान शहर में मेडिकल व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार से पारंपरिक दवा व्यवसाय और आम लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।