बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मुंगेर की धरती पर पहुंचा। आज 2 नवंबर की सुबह चाय की चुस्की के साथ जनता से वहां के मुद्दे पर सवाल पूछे गए, उसके बाद युवाओं से उनके मुद्दे जानें गए, अब राजनीतिक चर्चा शुरू हुई। हालांकि पहले चाय पर चर्चा और युवाओं से हुई चर्चा के बारे में जानते हैं। स्थानीय निवासी गुड्डू ने बताया कि हम असरगंज के रहने वाले हैं और अरुण कुमार साव (राजद) को ही वोट देंगे। वो हमारे लोकल नेता हैं और लोगों के बीच हमेशा रहते हैं।कैलाश कुमार ने कह कि यहां की सड़कें बहुत खराब हैं। जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। आए दिन जाम लगता है और लोगों का समय भी बर्बाद होता है। उन्होंने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहते हैं कि हमें ट्रेन नहीं, बल्कि यहां फैक्टरी चाहिए। ताकि लोगों को अपने ही इलाके में नौकरी मिल सके। आज बिहार के लोग दूसरे राज्यों में जाकर परेशान हो रहे हैं। अगर आप देखेंगे तो आप को पता चलेगा कि दूसरे राज्यों के लोग यहां काम करने नहीं आते। सागर कुमार बोला कि यहां कई नेता आए और चले गए, सबने एयरपोर्ट और सड़कों की बात की, लेकिन कोई ये नहीं बताता कि गरीब आदमी एयरपोर्ट जाएगा कैसे? उसके पास न कार है, न साधन। असली जरूरत है फैक्टरी खोलने की, ताकि लोगों को रोजगार मिले। बिहार में वही जीतेगा, जो फैक्ट्री खोलेगा, शिक्षा व्यवस्था सुधारेगा और नौकरियां देगा। मनीष कुमार ने कहा, “इस बार तारापुर विधानसभा में बदलाव जरूर होगा। लोग अरुण कुमार साव को ही समर्थन दे रहे हैं। यहां बीस वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। न अस्पताल है, न सड़कें ठीक हैं। लोग अब सच में बदलाव चाहते हैं।