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Satta Ka Sangram: अररिया में राजनीतिक बहस, देखिए किसपर क्या-क्या लगे आरोप? | Bihar Assembly Elections 2025

बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ अररिया की धरती पर पहुंच चुका है। आज 29 अक्तूबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? पहले जानते हैं चाय पर चर्चा और युवाओं से चर्चा के दौरान क्या बातें हुईं। चाय पर चर्चा के दौरान स्थानीय निवासी रंजन ने कहा कि अच्छे लोग चुनाव में जीत नहीं पाते। इसलिए वोटरों को ऐसे लोगों को चुनना चाहिए जिनसे आसानी से मिला जा सके और अपनी समस्याएं बताई जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि यहां लोग नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी को देखकर वोट देते हैं। सरकार को अब रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं मिथुन ने कहा कि यहां भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है, खासकर ब्लॉक कार्यालयों में घूसखोरी आम बात है। ऐसे में हमें ऐसे नेता को जीताना चाहिए जो इन समस्याओं को कम कर सके। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ विकास देखकर ही वोट देंगे। जयप्रकाश ने कह कि एक बार फिर बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनती दिख रही है। पिछले 20 वर्षो में राज्य में काफी विकास हुआ है और हमें उम्मीद है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार और आगे बढ़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगें ताकि लोग वापस अपने गांव आ सकें और रोजगार के मौके बढ़ें। इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी नीतीश कुमार ने अच्छा काम किया है। अब महिलाएं रात के 10 बजे के बाद भी बिना डर के सड़कों पर निकल सकती हैं। राजेश कुमार ने कहा कि अररिया में भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है। यहां तक कि पास के पूर्णिया विश्वविद्यालय में भी घूसखोरी और गड़बड़ी आम बात है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर कोई बड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं।

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