'सत्ता का संग्राम' में चर्चा की शुरुआत राजद नेता इफ्तेखार आलम से हुई, गले में हरा गमछा डाले जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यही हर गमछा और महागठबंधन 14 नवंबर को लहराने जा रहा है। इफ्तेखार आलम ने कहा कि इस बार महागठबंधन पूरे बिहार में जीत रही है। फिर माइक घूमा हैदराबाद के सांसद असदउद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम के नेता तौसीफ आलम के पास, तौसीफ आलम से सवाल किया गया कि क्या आप राजद और कांग्रेस के बीच में फंस तो नहीं गए हैं, जिसपर उन्होंने कहा कि इसी बहादुरगंज के लोगों ने बता दिया है कि मजलिस के लिए हमारे दिल में कितनी मोहब्बत है। उन्होंने कहा कि आप चाहे 2020 विधानसभा की बात कर ले या 2015 की, मजलिस का रिकॉर्ड हमेशा से अच्छा रहा है। तौसीफ आलम ने कहा कि जो मोहब्बत कल थी, वही आज है और आने वाले 14 नवंबर को रहेगी। इसपर राजद नेता इफ्तेखार आलम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बार पूर्णिया से एआईएमआईएम के उखाड़ फेंकना है। एआईएमआईएम के दल बदल नेता जो अब राजद में शामिल हो गए इस पर जब सवाल किया गया तो तौसीफ आलम ने कहा कि गए तो थे टिकट मांगने लेकिन आप सबने देखा कि लालू के लाल ने उनका क्या हाल किया। वहीं एक राजद नेता शोएब इशरत से सवाल किया गया, जिसपर उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में महागठबंधन की लहर है, इसबार राजद के सारे प्रत्याशी रिकार्ड तोड़ वोटों से जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार राजद का परचम लहराने जा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता वसीम अख्तर से सवाल किया गया कि इस बार यहां कौन बोल्ड हो रहा है। जिसपर उन्होंने कहा कि यहां एईआईएमआईएम क्लीन बोल्ड होगा। जब उनसे कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इनके नेता औवैसी जी यहां आकर सिर्फ लफ्फाजी करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि 2015 से लेकर आज तक उन्होंने सिर्फ पूंजीपति वालों को टिकट दिया वो ये कहते हैं कि मैं गरीब को नेता बनाऊंगा लेकिन मामला इसके उलट रहता है।