हर साल की तरह इस साल भी विजयादशमी को पटना के गांधी मैदान में रावण दहन हुआ। हालांकि रावण के साथ इस बार थोड़ा बुरा हुआ। रावण दहन से पहले ही रावण का सिर टूट गया और इस तरह बिना सिर के ही रावण का दहन कर दिया गया। इस बार 80 फीट के रावण, 75 फीट के मेघनाद और 70 फीट के कुंभकरण का पुतला दहन किया गया। आगरा के 15 कारीगरों ने तीनों पुतलों को राजस्थानी और दक्षिण भारतीय परिवेश में तैयार किया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना के गाँधी मैदान में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी के मौके पर रामलीला महोत्सव एवं रावणवध समारोह 2025 का दीप प्रज्जवलित कर विधिवत उद्घाटन किया। श्रीकृष्ण स्मारक समिति, कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा श्री श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रावण दहन कार्यक्रम में सबसे पहले आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्वागत स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं धार्मिक पुस्तक भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर राज्य में शांति एवं सौहार्द्र कायम रखने का संदेश दिया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राम एवं लक्ष्मण के स्वरूप की आरती की। इसके बाद बारी बारी से बुराई के प्रतीक कुंभकरण, मेघनाद एवं रावण का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही तेज बारिश होने की वजह से रावण का सिर टूटकर झुक गया। इस बार एक अच्छी बात यह भी रही कि इस बार रावण को नजदीक से आग लगाने की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि रिमोट से ही पुतला दहन किया गया। रावण के सिर के टूट जाने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। कार्यक्रम का आयोजन करने वाली समिति के अध्यक्ष कमल नोपानी ने कहा कि रावण दहन का बजट 35 लाख रुपये है। पांच लाख के पटाखे रावण, मेघनाद और कुंभकरण में लगाये गये थे। प्रदूषण न हो, इसके लिए इको फ्रेंडली आतिशबाजी की व्यवस्था की गई थी। चूंकि पटना में सुबह से ही बारिश हो रही है, इसलिए सभी पुतलों पर क्लियर वार्निश लगाया ताकि बारिश के पानी का बहुत कुछ असर नहीं हो सके।