फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: स्कूल में रिश्वत का वीडियो वायरल! 300 रुपये की उगाही पर प्रधानाध्यापक घेरे में, शिक्षा विभाग सख्त

Wed, 07 Jan 2026 12:34 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरैया प्रखंड के एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर शिक्षकों से अवैध उगाही का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

मामला सरैया प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर अरार से जुड़ा है। वायरल वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार कथित तौर पर शिक्षकों से पैसे लेते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि शिक्षकों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा और अनुपस्थिति विवरणी जमा करनी थी, इसी प्रक्रिया के नाम पर प्रधानाध्यापक द्वारा प्रति शिक्षक 300 रुपये की अवैध मांग की गई। पैसे लेते समय का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो सामने आते ही जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया है। विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि विनोद कुमार का यह कृत्य सरकारी सेवक आचार संहिता-1976 का स्पष्ट उल्लंघन है। उन पर स्वेच्छाचारिता बरतने और अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाया गया है।


यह भी पढ़ें- Bihar News: समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर तेल टैंकर का एक्सल टूटने से पलटी वैगन, रोसड़ा घाट स्टेशन पर मचा हड़कंप

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को अपनी संपत्ति का विवरण कंप्यूटरीकृत फॉर्मेट में जमा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और इसके लिए विभाग की ओर से किसी भी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं है। ऐसे में किसी भी बहाने से राशि की मांग पूरी तरह अवैध है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि वे साक्ष्यों के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में समर्पित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें