मुजफ्फरपुर जिले में कड़ाके की शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है और फिलहाल ठंड से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। गिरते तापमान, बर्फीली पछुआ हवाओं और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पूरा जिला भीषण शीतलहर की चपेट में है, जिससे लोगों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का यह प्रकोप जारी रह सकता है।
ठंड इतनी बढ़ गई है कि अलाव लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। सड़कों, बाजारों और रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर रेल परिचालन पर भी साफ नजर आ रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ मेमो और डेमो ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है, जबकि कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। स्टेशन परिसरों में यात्री ठंड से बचने के लिए दुबके हुए दिखाई दे रहे हैं।
जिला प्रशासन ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में न्यूनतम तापमान लगभग 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का असर और बढ़ जाता है, जिससे सुबह और शाम के समय सड़कें लगभग सुनसान हो जाती हैं।
पिछले चार दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पछुआ हवाओं के चलते कनकनी और तेज हो गई है, जिससे लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। घने कोहरे ने जिले की दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान में करीब 4.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड और भी बढ़ गई है। सड़कों से लेकर रेलवे स्टेशनों तक सन्नाटा गहराता जा रहा है और जो वाहन व ट्रेनें चल रही हैं, उनकी रफ्तार भी कम हो गई है। ग्रामीण इलाकों में भी शीतलहर का असर बरकरार है और फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।