पहाड़ की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बेटियों को खरीदने वालों ने पहाड़ में ऐसी पकड़ बनाई है कि वे यहां की बिटिया को दुल्हन रूप में ले जाते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर उनसे जिस्म का धंधा करवाते हैं।
सुंदरखाली में बाल विवाह के मामले में पकड़े गए हरियाणा के दस लोगों ने यह रहस्योद्घाटन कर पहाड़ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बड़े रैकेट के जमे होने का संकेत दिया है।
पहाड़ खासकर कुमाऊं के दूरदराज के गांवों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला कोई नया नहीं है पर सुंदरखाली में नाबालिग का ब्याह रचाने पहुंचे हरियाणा के नारबौड़ गांव निवासी दस लोगों ने उस सच से पर्दा उठाया है, जिसके पीछे एक नाबालिग नहीं बल्कि कई बेटियां हालातों की बलि चढ़ी हैं।
राजस्व पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि सुंदरखाल की किशोरी का सौदा हो चुका था। बस एक विवाह के जरिए सामाजिक रूप से उसे ले जाने की तैयारी थी ताकि कोई आवाज न उठा सके।
इस सौदे में स्थानीय बिचौलियों ने कहानी के महत्वपूर्ण किरदार की भूमिका निभाई है। पता चला कि पहाड़ से इसी तरह से बेटियों को ले जाया जाता है और हरियाणा, पंजाब या फिर दूसरे राज्यों में उन्हें किसी और के सुपुर्द कर दिया जाता है। बाद में यही बेटियां देह व्यापार में उतार दी जाती हैं।
सात माह पहले भी सुंदरखाली तोक में एक गरीब विवाहित महिला का सौदा 80 हजार रुपये में सौदा होने की बात इन्होंने कुबूली है। राजस्व पुलिस ने बताया कि हरियाणा के ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बड़े गैंग के पहाड़ में होने की बात सामने आई है।
लड़कियां खरीदने के बाद लोकल बिचौलियों को भी खरीद का हिस्सा मिलता है और यह गैंग सामाजिक ब्याह के बाद ही लड़कियां, महिलाओं को पहाड़ से लेकर जाता है।
दूल्हा समेत आठ के खिलाफ मुकदमा
उत्तराखंड में भीमताल के ओखलकांडा ब्लॉक के तोक सुंदरखाली में किशोरी से ब्याह रचाने के मामले में हिरासत में लिए गए हरियाणा के आठ लोगों के खिलाफ राजस्व पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।