हाल ही में उत्तराखंड में हुई बारिश ने मौसम में जबरदस्त नमी ला दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नमी और कम तापमान प्रदेश में अच्छी बर्फबारी की वजह बनेंगे। लिहाजा, ठंड भी अधिक और देर तक रहने की संभावना है।
पोस्ट मानसून सीजन
फिलहाल पोस्ट मानसून सीजन चल रहा है। यह तीन माह का होता है और अधिकांशत: दिसंबर तक रहता है। वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता के अनुसार जैसा कि अनुमान था इस दफा ठंड कुछ पहले यानी नवंबर के पहले सप्ताह में ही आ गई है।
पढ़ें, उत्तराखंडः किशोर प्रदेश की कलंक कथाएं
इसके पीछे सीधा-सा कारण हिमालय की ओर से चलने वाली उत्तर-पूर्वी हवाएं हैं। उनके मुताबिक अधिक नमी अंतत: अधिक ठंड की जन्मदाता बनती है। ऐसा ही इस बार भी होना संभावित है।
पढ़ें, फेसबुक चैटिंग ने ली युवक की जान
उधर गढ़वाल में शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। दोपहर बाद शीतलहर चली तो लोग घर में दुबकने को मजबूर हो गए। जोशीमठ के निचले क्षेत्रों में भी जमकर बर्फबारी हुई। चोपता, तुंगनाथ, पनार बुग्याल, लाल माटी, जोशीमठ के हाथी पर्वत, स्लीपिंग लेडी तक बर्फ पड़ गई है।
शाम को बर्फीली हवाएं
हालांकि गोपेश्वर में दिनभर चटख धूप खिली रही, लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाएं चलने लगीं। उत्तरकाशी में शाम को फिर से बारिश और सर्द हवाओं ने कड़ाके की ठंड ला दी। हर्षिल आदि ऊंचाई वाले इलाकों में चौथे दिन भी रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है।
रुद्रप्रयाग में बारिश हुई और केदारनाथ में बर्फबारी होने की सूचना है। श्रीनगर में भी हल्की बारिश होने से ठंडक बढ़ गई है। जबकि राजधानी दून में भी लगभग तीन दिन बाद आसमान बादलों से निकला दिखा। सूर्यदेव के दर्शन हुए।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए क्लिक करें...