रोडवेज बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे परिवहन निगम के दावों की हवा उनके चालक ही निकाल दे रहे हैं। लेकिन निगम प्रबंधन जानकारी के बावजूद अंजान बनने में लगा है।
मंगलवार सुबह रोडवेज की जो बस वाणिज्य कर चेक पोस्ट पर कर चोरी से दिल्ली से सामान लाते पकड़ी गई है। उसमें चालक ने कर चोरी का कुछ सामान बैट्री बाक्स में भी रखा हुआ था। जबकि निगम की एक बस कुछ वर्ष पहले इसी रूट पर यात्रियों को लाते वक्त जल चुकी हैं।
परिवहन निगम नियमों के मुताबिक चालक बस की छत और डिग्गी या यात्री बैठने के तल में ही सामान लोड कर सकते हैं। बस के इंजन और बैट्री बाक्स में सामान लोड करना अवैध माना जाता है। बावजूद इसके बसों के बैट्री बाक्स और इंजन के ऊपर चालक सामान लोड कर ला रहे हैं। लेकिन यह सामान यात्रियों का नहीं, बल्कि उनकी कमाई करने का जरिया है।
चालक ऐसा चेकिंग के दौरान पकड़ जाने से बचने के लिए करते हैं। मंगलवार को वाणिज्य कर चौकी पर पकड़ी गई रोडवेज की हाईटेक बस यूके 1568 में चालक ने बैट्री बॉक्स में भी सामान भरा रखा था। जबकि इस जगह पर सामान रखने के कारण 17 जून 2006 को दिल्ली से आ रही एक हाईटैक बस में आग लग गई थी। हालांकि इसमें सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे।
सामान से कई गुना वसूल रहे चालक
रोडवेज बसों में दिल्ली से चालक जो सामान ढोकर ला रहे हैं, उनमें कर की ही चोरी नहीं रोडवेज को भी चूना लग रहा है। क्योंकि चेक पोस्ट में पकड़ी गई बस में टिकट सीमा से तीन गुना ज्यादा सामान लोड था। लेकिन दिल्ली से दून पहुंचने में कहीं भी बस चेक नहीं हो पाई।
वाणिज्य कर विभाग से बस में सामान कितना था और कहां से मिला, इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसकी पुष्टि होते ही चालक और परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीपी कपूर, मंडलीय प्रबंधक, संचालन