राज्य पुलिस के नए निजाम को लेकर शासन में एक्सरसाइज तो विभाग में चक्कलस शुरू हो गई है। आखिर कौन होगा प्रदेश की पुलिस का नया मुखिया? इसके लिए केवल दो ही अधिकारी पात्र हैं।
1982 बैच के एसके भगत जो प्रतिनियुक्ति पर हैं और 1986 बैच के एमए गणपति जो विगत सोमवार को ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं। यह स्पष्ट है कि जो राज्य में उपलब्ध हैं, उसकी संभावना ज्यादा होगी।
कौन बनेगा डीजीपी
यह संभावना इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी के पद पर जम्मू में तैनात एसके भगत को केंद्र सरकार ने रेलवे प्रोटक्शन फोर्स के डीजी के पद पर तैनात करने का निर्णय लिया है।
ऐसी स्थिति में वह राज्य के डीजीपी बनने आएंगे या राज्य सरकार उन्हें बुलाएगी, यह कहना अभी मुश्किल है। डीजीपी इन दोनों अफसरों में से कोई भी हो, लेकिन विभाग में कई तरह की चुनौती उनका इंतजार कर रही हैं।
डीजीपी के लिए ये हैं दो पात्र और दावेदार अफसर
सुरेंद्र कुमार भगत, 1982 आईपीएस बैच
वर्तमान में तैनाती : सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी, आरपीएफ के डीजी के पद पर चयन हो चुका है।
विशेषताएं : सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर मुंबई में रह चुके हैं। उसके बाद उत्तराखंड में एडीजी कानून व्यवस्था, डीजी रूल्स मैन्युअल और डीजी विजिलेंस के पद पर रह चुके हैं और राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली, राज्य में क्राइम के कल्चर से अच्छी तरह वाकिफ है।
एमए गणपति, 1986 आईपीएस बैच
वर्तमान में तैनाती : हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे है, सोमवार को ज्वाइनिंग दे चुके हैं।
विशेषताएं : प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय गृहमंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर लंबे समय काम किया। प्रदेश में साढ़े तीन साल आईजी गढ़वाल रहे। इसके अलावा कई और पदों पर भी रहे। राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को अच्छी तरह समझते हैं।