उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण बाढ़
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चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले मौसम के करवट बदलने से चारधाम यात्रा की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
चमोली जिले में तीन स्थानों पर मूसलाधार बरसात ने एक बार फिर आपदा से निपटने की तैयारी को नाकाफी साबित किया है। यह बरसात साफ बता रही है कि उत्तराखंड की मौसम की मारक क्षमता में इजाफा हुआ है। वहीं पूर्व चेतावनी का तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं होने के कारण प्रदेश में आपदा प्रबंधन अब भी राहत और बचाव के परंपरागत ढर्रे पर ही है।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक आठ मई को सुबह सात बजे कर्णप्रयाग में भारी बरसात के कारण करीब 30 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इसी तरह थराली में भारी बरसात के कारण कई वाहनों को मलबे के कारण नुकसान पहुंचा। इसी तरह चमोली में गैरसैंण के पास और अल्मोड़ा में भारी बरसात ने कहर बरपाया।