गंगा क्लोजर होते ही हरिद्वार के तमाम घाट बेरौनक हो गए हैं। अरसे बाद दशहरा पूजा अवकाश में बंगाली यात्री गंगा तटों पर खासी संख्या में पहुंचे थे लेकिन, गंगा न देखकर सभी की भावनाओं को ठेस पहुंची।
इससे अब बंगाली सीजन गड़बड़ाने के पूरे आसार बन गए हैं। धर्मनगरी पहुंचे तीर्थ यात्रियों और श्रद्धालुओं को सोमवार रात तक यह पता नहीं था कि वे जिन घाटों पर टहल रहे हैं, पूजा-अर्चना कर रहे हैं, उन तटों पर सवेरे गंगा नजर नहीं आएंगी।
कर्मकांड का सिलसिला भी गड़बड़ाया
सुबह जब श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे, तो गंगा दिखाई नहीं दीं। इससे कर्मकांड का सिलसिला भी गड़बड़ा गया। बिना गंगा हरिद्वार के तमाम घाट दिनभर पूरी तरह सूने नजर आए।
गंगा में पैसा आदि खोजने वाले सैकड़ों लोगों की भीड़ रही। इससे जितनी कम मात्रा में जल आ रहा था, वह और भी उथला दिखाई देने लगा।
गंगनहर में चौड़ीकरण का कार्य शुरू
क्लोजर के दौरान हरकी पैड़ी से ऊपर और नीचे के क्षेत्र में कहीं भी सिंचाई विभाग की ओर से कार्य होता नजर नहीं आया। जबकि मायापुर से आगे गंगनहर में चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है।