असनौल गाड़ में बोल्डर आने से अवरुद्ध यमुनोत्री हाईवे रविवार देर रात यातायात के लिए बहाल हो पाया, जिससे मार्ग के दोनों ओर फंसे हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई यात्री भूखे प्यासे सुबह मार्ग खुलने पर बड़कोट पहुंचे। यात्रियों ने आरोप लगाया कि मार्ग को खोलने में प्रशासन ने बहुत लेटलतीफी की, जिससे उन्हें रातभर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। असनौल गाड़ के समीप अब भी भूस्खलन सक्रिय है।
यमुनोत्री हाईवे पर असनौल गाड़ मलबा आने से बीते रविवार को शाम करीब चार बजे यातायात अवरुद्ध हो गया था। इस बीच मार्ग के बंद होने के घंटों बाद मौके पर एनएच विभाग की जेसीबी पहुंची और देर रात तक मार्ग को बहाल करने का कार्य जारी रहा। पहाड़ी से भारी बोल्डर दरकने से हाईवे को बहाल करने में विभाग को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच यमुनोत्री हाईवे करीब आठ घंटे यातायात के लिए ठप रहा। हालांकि इस दौरान प्रशासन ने यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की थी, लेकिन कम ही लोगों को मिल पाया।
रात करीब 12 बजे हाईवे यातायात के लिए बहाल होने पर यात्री किसी तरह सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचे। गुजरात से आईं सैफाली, सोबना, कामेश, गिरीश भाई, कमलेश, अशोक आदि का कहना था कि वे आठ घंटे तक जाम में फंसे रहे। खाना भी नहीं मिल सका। रात को तीन बजे बड़कोट पहुंचे, तब जाकर खाना खाया। वहीं एनएच खंड के ईई नवनीत पांडे ने बताया कि हाईवे पर भारी बोल्डर आने के कारण यातायात को बहाल में करने में देर लगी।