केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रविवार को गंगोत्री धाम पहुंचे। गंगा घाट पर स्नान करने के बाद उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और मां गंगा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि चारों धामों में आध्यात्मिक कनेक्टिविटी तो पहले से है, लेकिन अब फिजिकल कनेक्टिविटी देना उनका और केंद्र सरकार का लक्ष्य है। ताकि चारधाम यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो जाए।
केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु रविवार सुबह 10.55 बजे हेलीकॉप्टर से हर्षिल हेलीपैड पर उतरे। वहां से वह कार से 11:40 बजे गंगोत्री धाम पहुंचे। इसके बाद उन्होंने गंगा घाट पर स्नान किया और फिर पत्नी के साथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय भाजपा विधायक के साथ यात्रा व्यवस्थाओं पर बातचीत की।
इस मौके पर प्रभु ने कहा कि चारों धामों को रेलवे से जोड़ने का सर्वे सभी विभागों के सहयोग से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनकी तमन्ना थी कि वह एक दिन गंगोत्रीधाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन करेंगे जो पूरी हो गई है। यात्रा सुगम होगी तो देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या चारों धामों में बढ़ेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मंदिर समिति ने प्रभु को भेंट किया गंगाजल
उत्तरकाशी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों और गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें गंगाजल भेंट किया। समिति के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से गोपाल रावत को मंत्री बनाने की मांग की। दोपहर बाद प्रभु गंगोत्री धाम से हर्षिल पहुंचे।
वहां से वह जहां से वह हेलीकॉप्टर से देहरादून लौट गए। इस दौरान टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरीश सेमवाल, जयवीर सिंह चौहान, चंदन सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल आदि शामिल रहे।