विकास भवन के सभागार में दिव्यांग बच्चों, मानसिक दिव्यांग बच्चों की उपचार एवं देखभाल के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें रफेल राइडर चशायर इंटरनेशनल सेंटर देहरादून से पहुंचे मानसिक दिव्यांग विशेषज्ञों ने जिले की आशा, सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सहित 35 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया।
जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करें। प्रशिक्षण का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सक्रिय होकर अपना जीवन यापन करने में सक्षम बनाना है। पांच मई को मिशन कुपोषण मुक्त उत्तरकाशी को एक माह पूर्ण होने जा रहा है।
संबंधित नोडल अधिकारियों की ओर से गोद लिए गए बच्चों की देखरेख की जा रही है। नोडल अधिकार के निगरानी में अति कुपोषित बच्चों के लिए ऊर्जा, पोषाहार, विशेष जांच शिविर, गंभीर रूप से बीमार अति कुपोषित बच्चों के लिए आदर्श कल्याण समिति के कोष से दवाइयां एवं उनकी जांच के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा की तिथि से चार-पांच दिन पूर्व लाकर भर्ती कराने का प्रावधान है। उन्होंने सीएमओ को संस्थागत प्रसव का 85 प्रतिशत लक्ष्य बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। आशा, एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने एवं प्रसव कराने की सूची बनाकर प्रस्तुत करें।