गंगोत्री धाम और मुखबा में गंगा सप्तमी धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां गंगा को शृंगार किया गया। अक्षय तृतीय पर गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के बाद हर साल चार दिन बाद गंगा सप्तमी मनाई जाती है।
माना जाता है कि इसी दिन गंगा का जन्म हुआ है। मंगलवार को गंगा सप्तमी पर गंगोत्री धाम और मुखबा स्थित मार्कण्डेय मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। गंगोत्री में मां गंगा की मूर्ति को महाभिषेक करवाने के बाद शृंगार करवाया गया। इसके बाद मंदिर में गंगा लहरी और गंगा सहस्त्रनाम पाठ हुआ।
शृंगार के बाद भक्तों ने मां गंगा के शृंगार दर्शन किए। इधर, मुखबा गांव से समेश्वर देवता की डोली के साथ मार्कण्डेय तक कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान तीर्थपुरोहितों व यात्रियों ने गंगा किनारे सफाई अभियान चलाया। संस्कृति विभाग और गोस्वामी विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर पं. अशोक सेमवाल, राधवानंद महाराज, गायत्री सेमवाल, जगेंद्र सेमवाल, सुरेश शास्त्री, विजय प्रकाश भट्ट, हरिमोहन, रामभजन, नेमचंदचदोक आदि मौजूद थे।
सामाजिक संगठनों ने चलाया स्वच्छता अभियान
जिला प्रशासन की ओर से जिलेभर में सफाई अभियान चलाया गया। डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सुबह मणिकर्णिका, केदारघाट सहित नगर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। अभियान में सीडीओ उदय सिंह राणा, एडीएम पीएल शाह, एसडीएम सौरभ असवाल, नितिका खंडेवाल आदि शामिल रहे।
वहीं अखिल विश्व गायत्री परिवार व जीजीआईसी, पीजी कॉलेज, भागीरथी चिल्ड्रन एकेडमी के छात्रों ने रैली निकाली। जोशियाड़ा के प्रधान संतोष कुमार ने क्षेत्र के लोगों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया। ग्लेशियर लेडी शांति ठाकुर और कल्पना ठाकुर ने यात्रियों को फूल माला पहनाकर हिमालय के संरक्षण के लिए स्वच्छता का संदेश दिया। इस मौके पर प्रताप पोखरियाल, उषा भट्ट, गीता गैरोला, मीना श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।