यमुनोत्री यात्रा के बाद देव पश्वाओं के साथ मौजूद लोग।
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देवताओं के निशानों के साथ यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए सुनारा गांव के देव पश्वाओं का गांव पहुंचने पर फूल-माला व ढोल-बाजों के साथ स्वागत किया गया। धृगपाल रावत और हरदेव सिंह रावत ने संयुक्त रूप से यात्रा का आयोजन किया था। इसमें ग्रामीणों ने ग्राम देवताओं के देव निशानों के साथ यमुना में स्नान कर सुख-समृद्धि की कामना की।
यमुनाघाटी के सुनारा गांव के चेंडू देवता, पांच पांडव, नागराजा, कृष्ण, भद्रकाली समेत सभी ग्राम देवताओं के देव निशानों के साथ ग्रामीणों ने यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन किए। ग्रामीणों ने यमुनोत्री धाम में सामूहिक रूप से अपने गोत्र की पूजा करवाई। ग्रामीणों ने देव निशानों के साथ गंगनानी में रात्रि विश्राम किया और सुबह घर लौटे। गांव पहुंचने पर भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सबसे पहले कन्याओं को भोजन परोसा गया। इस दौरान चेंडू देवता के पश्वा धृगपाल रावत, मुकेश रमोला, अंकित रमोला, विजेंद्र सिंह आदि ने ग्रामीणों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। यात्रा में रमेश चंद रावत, विजयपाल रावत, तिलक रमोला, प्यारचंद, राजेश रावत, कुसुम, कौशल्या, राधिका, रेखा, गीता, योजना आदि शामिल रहे।