बड़ेथी के ग्रामीणों ने गंगोत्री हाईवे पर एक घंटे तक जाम लगाकर रोष जताया। ग्रामीण ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों, सिंचाई नहर और रास्तों की मरम्मत न होने से आहत हैं। एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार के लिखित आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बड़ेथी के ग्रामीण ग्राम प्रधान रामप्यारी देवी व क्षेत्र पंचायत सदस्य अनूप चौहान के नेेतृत्व में गंगोत्री हाईवे पर बड़ेथी चुंगी पहुंचे और जाम लगाया। ग्राम प्रधान रामप्यारी ने बताया कि करीब छह माह पूर्व ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान ग्रामीणों के रास्ते, सिंचाई नहर व पेयजल लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। संबंधित विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन समस्या जस की तस है।
ग्रामीण अजय प्रताप सिंह ने बताया कि एक माह पूर्व एनएच का पुश्ता ढहने से एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। मकान में रह रहे लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें जाम लगाना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि 13 अगस्त को प्रशासन को बता दिया था कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो 19 अगस्त को हाईवे जाम किया जाएगा। करीब 11 बजे जाम स्थल पर तहसीलदार डुंडा प्रताप सिंह चौहान पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि 23 अगस्त को संबंधित अधिकारियों के साथ गांव का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। तहसीलदार चौहान के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान ग्रामीण जय सिंह नेगी, राकेेश बधानी, जितेंद्र बिजल्वाण, मनमोहन, सोहन सिंह, रविंद्र सिंह, संजय आदि मौजूद थे।
- ग्राम प्रधान से बृहस्पतिवार को ही फोन पर बात हुई थी। ग्राम प्रधान को बता दिया गया था कि 23 अगस्त को प्रशासन समस्याओं से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ गांव में पहुंचेगा। बावजूद इसके ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह जाम लगा दिया।-प्रताप सिंह चौहान, तहसीलदार डुंडा।
यात्रियों के साथ हुई नोक झोंक
जाम के दौरान ग्रामीणों की यात्रियों के साथ तीखी नोक झोंक हुई। ग्रामीणों ने अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे एक व्यक्ति को भी नहीं जाने दिया। वहीं कुछ यात्रियों ने ग्रामीणों से जाम खोलने की गुजारिश की। यात्रियों का कहना था कि उनकी ट्रेन छूट जाएगी लेकिन ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी।