उत्तरकाशी के भराणगांव में रिंगाल से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण लेते ग्रामीण।
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नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एनआरडीसी) एवं संजीवनी फाउंडेशन की ओर से उद्यमिता विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत भराण गांव में ग्रामीणों को रिंगाल से विभिन्न उत्पाद तैयार करने के गुर सिखाए जा रहे हैं।
संजीवनी फाउंडेशन की परियोजना समन्वयक ऋचा सिंह ने बताया कि पहाड़ के गांवों में मौजूद संसाधनों से स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जंगलों में बहुतायत में पाए जाने वाले रिंगाल से कई उपयोगी वस्तुएं बनती हैं। बीते 28 जनवरी को भराण गांव में शुरू हुए एक माह के प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र के साठ ग्रामीण प्रशिक्षण ले रहे हैं। मास्टर ट्रेनर गणपाल कुमार द्वारा ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस मौके पर उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद के जिला समन्वयक विपिन पंवार, भराण गांव की प्रधान कुलवंती देवी आदि मौजूद रहे। संवाद
उत्तरकाशी के भराणगांव में ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए रिंगाल उत्पाद।- फोटो : UTTER KASHI