गंगोत्री धाम के पास हुए वाहन हादसे में मृत दो लोगों के शव शुक्रवार को निकाल लिए गए।
वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। शेष तीन लोगों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना स्थल की विषम भौगोलिक परिस्थिति का अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, आर्मी और आईटीबीपी की रेस्क्यू टीमें दिन भर मशक्कत करने के बाद भी नदी के पार जाकर गिरी गाड़ी तक नहीं पहुंच सकीं।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे गंगोत्री धाम से तीन किमी पीछे गंगोत्री हाईवे से एक कार गहरी खाई में जा गिरी। हादसे का पता शाम पांच बजे लगा, लेकिन तब तक अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया जा सका। शुक्रवार सुबह से पुलिस, पीएसी एवं एसडीआरएफ की टीम के साथ ही आर्मी और आईटीबीपी के जवानों ने भी यहां रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
नदी के इस ओर पहाड़ी पर अटके मांडों निवासी शंकरमणी नौटियाल (52) तथा कमलेश्वरी देवी (37) पत्नी राकेश सेमवाल निवासी लौंथ्रू के शव भारी मशक्कत के बाद सड़क तक लाए जा सके। दुर्घटनाग्रस्त कार गंगा भागीरथी के दूसरी ओर जाकर गिरी है जिसे अभी नहीं उठा पाए हैं।
अब स्पष्ट है कि दुर्घटनाग्रस्त कार में शंकरमणी की पत्नी शैला देवी (48), कमलेश्वरी देवी के पति राकेश सेमवाल(44) तथा मुखबा निवासी देवेंद्र प्रसाद सेमवाल (41) पुत्र रतनमणी भी सवार थे। इन तीनों लोगों का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। इनके नदी में बहने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के बाद से इन लोगों के घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।