चार दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर गए पश्चिम बंगाल सहित उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर्स और एक गाइड ट्रैक पर भारी हिमस्खलन के कारण भोजखड़क में फंस गए हैं। उनके साथ तीन पोर्टर और एक कुक सुरक्षित बीते शुक्रवार को गंगोत्री पहुंचे। वहां पर उन्होंने गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उसके बाद शनिवार को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व वन विभाग की टीम फंसे हुए ट्रैकर्स के रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई है।
जानकारी के अनुसार बीते 27 अक्तूबर को 12 लोगों का दल केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। केदारताल पहुंचने के बाद वह बीते 29 अक्तूबर को गंगोत्री के लिए लौट रहे थे। तभी भोजखड़क के समीप अचानक भारी हिमस्खलन होने के कारण सात ट्रैकर्स सहित एक गाइड वहां पर फंस गए। उसके साथ अन्य तीन पोर्टर व एक कुक उस स्थान से आगे थे।
वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना
वे लोग बीते शुक्रवार को गंगोत्री पहुंचे। वहां पर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों को दी। पार्क की ओर से प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। उसके बाद शनिवार को एनडीआरएफ सहित एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि केदारताल ट्रैक पर भोजखड़क के समीप पश्चिम बंगाल के तपस बाउरी, रतन घोष, मनोज खोवास, रिंटू मोंडल, उदय घोष और उत्तर प्रदेश की वर्तिका वर्मा, दीपक वर्मा सहित गाइड सिद्धार्थ राणा फंसे हुए हैं।
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उनमें से एक ट्रैकर घायल भी है। इसके साथ ही गोेमुख के भोजबासा क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण तीन और तपोवन में चार ट्रैकर्स फंसे हैं। उनसे संपर्क हुआ है वह सभी सुरक्षित हैं। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि केदारताल पर फंसे ट्रैकर्स के रेस्क्यू के लिए प्रदेश सरकार से हेली सेवा की मांग की गई है। रविवार को हेली रेस्क्यू चलाया जाएगा।