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केदारकांठा ट्रैक पर रोमांच का लुत्फ ले रहे कर्नाटक के पर्यटक

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मैदानी इलाकों में गर्मी की तपिश और कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच पहाड़ की वादियां पर्यटकों को खूब रास आ रही हैं। कनार्टक का 19 सदस्यीय पर्यटक दल केदारकांठा की ट्रैकिंग पर पहुंचा। यहां उन्होंने ट्रैकिंग के साथ ही विभिन्न साहसिक गतिविधियों का लुत्फ उठाया।
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कनार्टक हाईक्स के 19 पर्यटक सांकरी मोरी की हिमालयन हाईकर्स एजेंसी के माध्यम से केदारकांठा की ट्रैकिंग पर पहुंचे। कुछ दिनों पहले बारिश और बर्फबारी के बाद निखर कर आया। क्षेत्र का नैसर्गिक सौंदर्य और गुनगुनी ठंड इन पर्यटकों को खूब रास आ रही है। हिमालयन हाईकर्स के चैन सिंह रावत ने बताया कि इन पर्यटकों को सांकरी से जूडा लेक होते हुए समुद्र सतह से साढ़े बारह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारकांठा की ट्रैकिंग कराई। इस दौरान पर्यटकों को प्राकृतिक चट्टानों पर क्लाइंबिंग, रैपलिंग एवं जुमारिंग का प्रशिक्षण देने के साथ ही जूडा लेक में जिप लाइन का अभ्यास कराया गया।
इस दौरान पर्यटकों को प्राथमिक उपचार एवं आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव के गुर भी सिखाए गए। साथ ही कोविड महामारी के दौर में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों से बने पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ट्रैकिंग के दौरान मिली जानकारियों और क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य से यह पर्यटक अभिभूत नजर आए। दल में शामिल विगनेश नेहारविकर, पूर्णिमा, गिरीश, रवि, प्रणिता, विशमिता, तुषार, रविशंकर आदि पर्यटकों ने बार-बार इस क्षेत्र में आने की इच्छा जताई। बृजमोहन राणा, गंगा पंवार, केदार राणा, प्रवेश, संजू थापा, रमेश चमोली आदि स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को ट्रैकिंग के दौरान प्रशिक्षण एवं सुविधाएं मुहैया कराईं।
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हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने बताया कि बीते साल कोविड महामारी के चलते पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान पहुंचा है। अभी भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लाने वाले पर्यटकों को ही क्षेत्र में आने दिया जा रहा है। साथ ही ट्रैकिंग के दौरान कोविड-19 की गाइड लाइन का अनुपालन भी कराया जा रहा है।
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