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Uttarkashi News: जानकीचट्टी में पशु चिकित्सालय में दोपहर बाद लग जाता है ताला

Mon, 25 May 2026 06:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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घोड़ा-खच्चर संचालकों को हो रही है खासी दिक्कत
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बड़कोट। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर जानकीचट्टी स्थित सीजनल पशु चिकित्सालय में दोपहर बाद ताला लटका मिल रहा। आरोप है कि घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही देर शाम तक जारी रहने के बावजूद पशु चिकित्सालय दोपहर दो बजे ही बंद हो जाता है जिससे पशु संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को घोड़ा-खच्चर संचालक मोहन लाल अपने बीमार घोड़े को लेकर जानकीचट्टी पशु चिकित्सालय पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने घोड़े को प्राथमिक उपचार और दवा दी। मोहन लाल का कहना है कि उपचार के बाद भी जब घोड़े की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह दोबारा जानकीचट्टी चिकित्सालय पहुंचे लेकिन उस समय चिकित्सालय पर ताला लगा मिला। ऐसे में मजबूरन उन्हें अपने घोड़े को लेकर करीब 50 किलोमीटर दूर नौगांव की ओर ले जाना पड़ा।
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घोड़ा-खच्चर संचालकों का कहना है कि यात्रा सीजन में जानकीचट्टी और यमुनोत्री क्षेत्र में सैकड़ों घोड़े-खच्चर संचालित हो रहे हैं। इन बेजुबान पशुओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है। ऐसे में यात्रा अवधि के दौरान पशु चिकित्सालय में चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
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सहायक नोडल अधिकारी डॉ. अनूप नौटियाल ने बताया कि जानकीचट्टी में पशु चिकित्सालय का स्थायी भवन उपलब्ध नहीं है। इससे चिकित्सालय दोपहर तक संचालित किया जाता है। इसके बाद चिकित्सा कर्मी अपने अस्थायी आवास पर रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर पशु मालिक वहां पहुंचकर संपर्क कर सकते हैं।
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