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गंगोत्री धाम : राजा भागीरथ की मूर्ति पालकी में की विराजमान

Mon, 25 May 2026 06:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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गंगा दशहरा पर्व पर गंगोत्री धाम में तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
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उत्तरकाशी। गंगा दशहरा पर्व पर गंगोत्री धाम सहित पूरे जनपद में श्रद्धा-उत्साह का माहौल देखने को मिला। वहीं, गंगोत्री धाम में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान राजा भागीरथ की आकर्षक मूर्ति तैयार कर उसे सुसज्जित पालकी में विराजमान किया गया। ढोल-दमाऊं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच तीर्थ पुरोहितों ने भव्य शोभायात्रा निकाली।
सोमवार को गंगोत्री धाम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ राजा भागीरथ मूर्ति तैयार कर ढोल-दमाऊं के साथ उनकी शोभायात्रा निकाली गई। उसके बाद उनकी मूर्ति और पालकी गंगा घाट पर पहुंची। यहां पर उनकी ओर से तीर्थ पुरोहितों ने गंगा लहरी, सहस्त्रनाम पाठ आदि कर गंगा जी की विशेष पूजा अर्चना की गई।
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वहीं, मंदिर परिसर और बाजार क्षेत्र में दिनभर भारी भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान कर पुण्य अर्जित किया और मां गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित सुधांशु सेमवाल, डॉ. बद्री प्रसाद सेमवाल ने बताया कि गंगा दशहरा पर मां गंगा राजा भागीरथ की कठोर तपस्या के बाद गंगोत्री धाम में धरती पर पहुंची थी। इसलिए गंगा दशहरा के दिन धाम में राजा भागीरथ की मूर्ति तैयार कर उनकी ओर से तीर्थ पुरोहित विधि विधान के साथ गंगा जी की प्रतिकात्मक पूजा करते हैं।
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वहीं, दूसरी ओर बाड़ाहाट क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता ने यमुनोत्री धाम में आस्था की डुबकी लगाई जबकि बड़ागड्डी के हरि महाराज ने पवित्र डोडीताल में स्नान कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, जिला मुख्यालय में राज्य मंत्री प्रताप पंवार और डॉ. केपी जोशी की ओर से गंगा लहरी पाठ, हवन पूजा अर्चना की गई। इसके साथ ही गंगा घाट पर भव्य आरती का आयोजन किया गया।
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