उत्तरकाशी। तांबाखानी में एकत्रित नगर के कूड़ा निस्तारण और ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलनकारियों के धरने को एक सौ दिन पूरे हो गए हैं। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि पालिका की ओर से कई बार लिखित आश्वासन भी दिया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
तीन माह पूर्व गोपीनाथ रावत के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और उत्तराखंड क्रांति दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। उनकी मांग थी कि तांबाखानी में एकत्रित नगर के कूड़े को वहां से हटाकर निस्तारण किया जाए। साथ ही नगर और भागीरथी नदी की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जाए।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने गंगा में जल समाधी सहित सीएम सहित प्रदेश सरकार की शव यात्रा आदि माध्यमों से आंदोलन को जारी रखा। इस आंदोलन के बीच पालिका प्रशासन की ओर से धरना दे रहे लोगों को आश्वासन दिया गया कि 25 दिन के भीतर कूड़े का निस्तारण किया जाएगा लेकिन वहां से मात्र पुराना ही कूड़ा हटाया गया। इस मौके पर गोपीनाथ रावत, संदीप रावत, जितेंद्र, पुरूषोत्तम, रितेश चौहान, लखन पंवार, राहुल चौहान, आलोक राणा, संतोष आदि मौजूद रहे। संवाद