मोरी (उत्तरकाशी)। प्रखंड के प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति आदर्श प्राथमिक विद्यालय बनने के बाद भी नहीं सुधर रही है। स्थिति यह है कि आदर्श प्राथमिक विद्यालय मोरी में एक शिक्षक के भरोसे 93 छात्र-छात्राओं का भविष्य है। वहीं, जखोल में दो शिक्षकों के भरोसे 150 छात्र-छात्राओं का भविष्य है।
सीमांत विकासखंड मोरी में आदर्श विद्यालय तो खुल गए, लेकिन बिना शिक्षकों के ये सिर्फ नाम के ही आदर्श विद्यालय हैं। नियमानुसार आदर्श प्राथमिक विद्यालयों में एक प्रधानाध्यापक सहित शिक्षकों के कुल छह पद स्वीकृत होते हैं, लेकिन यहां छह के बजाय मात्र एक ही कार्यरत है, जिसके चलते 93 छात्र-छात्राओं का सही ढंग से पठन-पाठन नहीं हो पा रहा है।
वहीं, आदर्श प्राथमिक विद्यालय जखोल में भी यही स्थिति है। यहां कुल स्वीकृत छह में से मात्र दो शिक्षक ही कार्यरत हैं। मोरी आदर्श प्राथमिक विद्यालय के अभिभावक संघ के अध्यक्ष राधेश कुमार का कहना है कि इस संबंध में विभाग से समय-समय पर शिक्षकों की मांग की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है। इधर, उप खंड शिक्षाधिकारी पंकज शर्मा का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया गया है। जल्द की शिक्षक मिलने की उम्मीद है।