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Uttarkashi News: हर्षिल घाटी के बागवानी समृद्ध छोलमी गांव में नहीं पहुंच पाई सड़क

Sat, 24 Aug 2024 06:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाओं के लिए कर रहे हैं पलायन
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उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी का अनुसूचित जनजातीय बाहुल्य गांव छोलमी आज भी विकास से कोसों दूर है। आज तक यहां की करीब 200 आबादी सड़क से नहीं जुड़ पाई है। ग्रामीणों को सेब सड़कों तक पहुंचाने में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए गांव से पलायन हो रहा है।
स्थानीय निवासी मनोज नेगी, रणवीर सिंह, राजेंद्र नेगी, ऋतिक नेगी का कहना है कि वे लंबे समय से उनके गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन स्तर पर अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। केंद्र सरकार की वाईब्रेंट विलेज योजना के बाद उन्हें उम्मीद थी कि गांव विकास से जुड़ पाएंगे।
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गांव के मनोज नेगी ने बताया कि हर वर्ष छोलमी गांव में करीब एक करोड़ की लागत से सेब का उत्पादन होता है, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सेब को पहुंचाने में अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ता है। वहीं, गांव में होमस्टे निर्माण किए जा रहे हैंं। वहां पर भवन निर्माण की सामग्री सड़क से गांव तक पहुंचाने में बहुत महंगा पड़ जाता है।
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एक ओर तो सीमांत गांवों को विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एक अदद सड़क के लिए तरस रहे हैं। इधर, डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट का कहना है कि कम आबादी वाले जो गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। उनकी सूची तैयार कर ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। इसी क्रम में छोलमी गांव को भी जल्द सड़क से जोड़ा जाएगा।
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