नौगांव ब्लाक के स्यालव गांव के किशोर के आत्महत्या मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने एसडीएम कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
बता दें कि 19 अप्रैल को स्यालव गांव के एक किशोर ने आत्महत्या कर सुसाइड नोट पर करीब एक दर्जन युवकों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। किशोर ने सोसाइड नोट में झगड़े के दौरान खुद के साथ मारपीट की बात बताई थी, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी।
इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी शरत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन बाकी युवकों के खिलाफ कुछ कार्रवाई न होते देख मृतक किशोर के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की और एसडीएम कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी।
इस पर मंगलवार को मृतक की 85 वर्षीय दादी अतर देवी, माता अतर देवी व भाई अमित ने एसडीएम कार्यालय में भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके समर्थन में गांव के दर्जनों महिलाएं व पुरुष भी उनके साथ धरने पर बैठे।
ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर बड़कोट थानाध्यक्ष के स्थानांतरण की मांग की है। सीओ जीएल कोहली व एसडीएम रोहित मीणा ने मामले की जांच पुरोला थानाध्यक्ष बीएस चौहान को सौंप दी है। धरना देने वालों में पालिकाध्यक्ष अतोल सिंह रावत, प्रधान सूरमा देवी, श्याम देई भगवान सिंह, रणवीर सिंह, सकल सिंह, वादर सिंह, बलवीर सिंह आदि मौजूद थे।