गढ़वाल आयुक्त व चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन को देवस्थानम बोर्ड को लेकर आंदोलनरत तीर्थ पुरोहितों के विरोध का सामन करना पड़ा। तीर्थ पुरोहितों ने बोर्ड पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने मास्टर प्लान से धामों के विकास की मांग करते हुए मंदिर पर सरकारी नियंत्रण को कतई स्वीकार नहीं करने की बात कही, जिस पर बोर्ड के सीईओ ने तीर्थ पुरोहितों को साथ लेकर ही आगे बात रखने का भरोसा दिलाया।
अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन रविवार को गढ़वाल मंडल आयुक्त व देवस्थानम बोर्ड में सीईओ रविनाथ रमन चारधाम यात्रा तैयारियों का जायजा लेने के लिए यमुनोत्री धाम पहुंचे। उन्होंने मां यमुना के दर्शन व पूजा-अर्चना कर धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुरोहितों से बातचीत की। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, मंदिर समिति सचिव सुरेश उनियाल, राजस्वरूप, लखन, अमित, राघवानंद उनियाल आदि ने देवस्थानम बोर्ड पर आपत्ति दर्ज कराते हुए चारधामों को सरकारी नियंत्रण से बाहर रखने की मांग की। उन्होंने कोविड के चलते चारधाम यात्रा प्रभावित होने यमुनोत्री मंदिर से जुड़े पुरोहितों को हुए नुकसान के बदले आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। सीईओ ने पुरोहितों के हक-हकूकों का ख्याल रखने की बात कही। इधर, पालिकाध्यक्ष अनुपमा रावत, जिला पंचायत सदस्य आनंद राणा आदि ने गढ़वाल आयुक्त से मुलाकात कर स्थानीय समस्याओं के निस्तारण को लेकर पत्र सौंपा। इस मौके पर डीएम मयूर दीक्षित, एसडीएम चतर सिंह चौहान, थानाध्यक्ष डीएस कोहली आदि मौजूद रहे।
मलबे को पैदल पारकर धाम पहुंचे सीईओ
यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट में मलबा आने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण गढ़वाल आयुक्त व देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन को ओजरी डाबरकोट में पैदल जाना पड़ा। शनिवार रात को मूसलाधार बारिश के चलते मलबे व बोल्डर के कारण हाईवे एक घंटे तक अवरुद्ध रहा, जिसे बाद में एनएच की ओर से खोला गया।