उत्तरकाशी। शहर के रामलीला मैदान में पटाखों की दुकान की एनओसी नहीं मिलने के बाद भी दुकानें सज गई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल उठता है कि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। वहीं, किसी भी दुकान में आग से सुरक्षा के किसी के भी उपाय नहीं है।
अग्निशमन विभाग और एसडीएम की अनुमति के बिना करीब 25 से अधिक दुकानें लगी है। इन दुकानों में अभी तक प्रशासन और फायर ब्रिगेड की अनुमति नहीं दी गई है। उसके बावजूद अभी तक एनओसी नहीं ली गई है। वहीं, इस संबंध में जब एसडीएम और फायर स्टेशन जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक इस संबंध में दुकानदारों की ओर से कोई जानकारी नहीं ली गई है।
वहीं, दुकान लगाने वाले कुछ लोगों का कहना है कि पटाखों की दुकान के लिए रामलीला मैदान में ठेकेदारों की ओर से करीब 15 हजार की रकम वसूली जा रही है। ऐसी स्थिति में अगर मैदान में अग्निकांड के चलते कोई बड़ी घटना हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि इस संबंध में एसडीएम लाइसेंस जारी करते हैं। इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है। एसडीएम मुकेश रमोला का कहना है कि एनओसी के संबंध में अभी तक मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। संवाद