गर्मियों की छुट्टियों में कई शिक्षक छात्रों की प्रतिभा निखारने में जुटे हैं। कुछ छात्रों को चित्रकारी के गुर सिखा रहे हैं, तो कुछ इंग्लिश बोलना सिखा रहे हैं। वहीं कुछ शिक्षक विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर छात्रों में लिखने व बोलने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।
जीआईसी मातली में तैनात चित्रकला शिक्षक संजय बीते एक माह से छात्र-छात्राओं को निशुल्क चित्रकला के गुर सिखा रहे हैं। संजय कलारंभ नाम से आर्ट गैलरी का संचालन कर रहे हैं। यहां वह सुबह व शाम बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। संजय ने बताया कि वह उत्तराखंड की परंपरा, संस्कृति आदि से संबंधित पेंटिंग से छात्रों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इससे छात्र चित्रकला के गुर सीखने के साथ ही अपनी संस्कृति व परंपरा से भी रूबरू हो रहे हैं।
शिक्षक शंभू प्रसाद नौटियाल गंगा विश्व धरोहर मंच के माध्यम से छात्र-छात्राओं के लिए पर्यावरण, स्वच्छता आदि विषयों पर निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहे हैं। जीआईसी जुणगा में तैनात अंग्रेजी प्रवक्ता संजय जगूड़ी अपने गांव में सभी बच्चों को अंग्रेजी बोलना सिखा रहे हैं। संजय ने अपने इस अभियान का नाम भी ‘अंग्रेजी सीखना है तो गांव आइए’ रखा है। संजय बताते हैं कि उनकी इस पहल पर कई अभिभावक देहरादून जैसे शहरों से अपने बच्चों को गर्मियों की छुट्टियों में गांव लाए हैं। वहीं पीजी कालेज उत्तरकाशी में वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा. एमपीएस परमार ने स्वयं से संसाधनों से 50 से अधिक पुस्तकें गांव के पुस्तकालय में दी।