उत्तरकाशी में सीमांत जादुंग व नेलांग गांव को दोबारा बसाने के लिए बैठक लेते डीएम मयूर दीक्षित।
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भारत-चीन सीमा से लगे जादुंग और नेलांग गांवों को दोबारा बसाने के लिए संयुक्त सर्वे किया गया। इसमें विस्थापित ग्रामीणों की भूमि के चिह्निकरण के साथ व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इस सर्वे में विस्थापित ग्रामीणों के साथ सेना, आईटीबीपी और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल होंगे।
शुक्रवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भारत-चीन युद्ध 1962 के दौरान विस्थापित जादुंग और नेलांग गांव को दोबारा बसाने के लिए बैठक बुलाई। इसमें विस्थापित ग्रामीणों, सेना, आईटीबीपी, राजस्व, वन, उद्यान, पशुपालन, लोनिवि, ऊर्जा निगम के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने जादुंग व नेलांग में दोबारा बसने की इच्छा जताई। डीएम ने ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि 28-29 मार्च को जादुंग और अप्रैल में नेलांग गांव का संयुक्त सर्वे किया जाएगा। बैठक में सीडीओ गौरव कुमार, गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक रंगनाथ पांडेय, एसपी प्रदीप राय, सेनानी 35वीं वाहिनी अशोक बिष्ट, सेना के मेजर भारत यादव, मेजर हसन खान आदि मौजूद रहे।