पूर्व सीएम एवं नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए केंद्र ने राज्य सरकार को पर्याप्त बजट दिया, लेकिन केदारनाथ को छोड़ अन्य कहीं भी धरातल पर सही ढंग से कार्य नहीं कराए गए। केदारनाथ में भी केंद्र की एजेंसी निम ने बेहतर कार्य किए। निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल को विशेष अवार्ड दिया जाना चाहिए।
क्षेत्र भ्रमण पर उत्तरकाशी पहुंचे सांसद कोश्यारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सूबे में 341 आपदा प्रभावित गांव चिह्नित किए गए, लेकिन इनका पुनर्वास नहीं हुआ। सरकारी बजट के दुरुपयोग का उदाहरण अठाली गांव में देखा जा सकता है, जहां एक साथ दो-दो पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार ‘राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट’ वाली तर्ज पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के चलते राज्य पर पचास हजार करोड़ का कर्ज हो गया है। कर्मचारियों की तनख्वाह भी कर्ज लेकर देनी पड़ रही है।
संवेदी क्षेत्र कानून को लेकर कोश्यारी ने कहा कि वर्ष 2012 में कांग्रेस ने एकतरफा कानून लागू किया है। इसमें संशोधन न होने पर वह भी क्षेत्र की जनता के साथ आंदोलन करेंगे। साहित्यकारों की ओर से सम्मान लौटाने की बात पर उन्होंने कहा कि सम्मान लौटाने वाले कांग्रेस और कम्यूनिस्ट विचारधारा के हैं। विरोध है तो साहित्यकार अपनी कलम के माध्यम से करें। इस मौके पर चार धाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल, नेमचंद चंदोक, बैसाखू लाल, लोकेंद्र बिष्ट, जयवीर चौहान, हरीश डंगवाल, विमला नौटियाल, पवन नौटियाल और संतोषी सजवाण आदि भाजपाई मौजूद रहे।