कोषागार गबन मामले में गठित एसआईटी कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच के लिए प्रभारी निरीक्षक उत्तरकाशी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस अभी तक इस मामले में दो गिरफ्तारियां भी कर चुकी है। जल्द ही अन्य गिरफ्तारियों की संभावना भी जताई जा रही है।
कोषागार गबन मामले मे एसआईटी ने जांच शुुुरू हो गई है। आरोपियों व अन्य संदिग्धों के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से पूछताछ शुुरू की जा रही है। इसके अलावा जल्द ही एसआईटी जनपद के सभी पेंशनरों का विवरण भी खंगालेगी, जिससे पता चल सके कि कितने पेंशनरों की पेंशन राशि में हेराफेरी हुई है। अभी तक 12 पेंशनरों की पेंशन राशि गबन किए जाने की पुष्टि हुई है। एसआईटी जांच के बाद मामले में गबन की राशि और आरोपियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अभी तक मामले में दो आरोपियों महावीर सिंह व धर्मेंद्र शाह की गिरफ्तारी कर चुकी है। जबकि एक महिला आरोपी की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं पुलिस विवेचना के दौरान दो अन्य नाम भी सामने आए थे। जिनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में बीते 7 जनवरी को सहायक कोषाधिकारी बृजेंद्र लाल शाह ने कोतवाली में कोषागार के तीन कर्मचारियों के खिलाफ 42 लाख से अधिक के गबन के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने कोषागार कर्मी महावीर सिंह, धर्मेंद्र शाह व महिला पीआरडी कर्मी आरती के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था।