वर्ष 2011 में घोषित जनपदों को अस्तित्व में लाने के लिए संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति ने बड़कोट में मशाल जुलूस निकाला। संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति का कहना है कि 10 साल बाद भी इन जनपदों को अस्तित्व में नहीं लाया गया है। अब जनपदों को अस्तित्व में लाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
मंगलवार को संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय लोगों ने पालिका क्षेत्र में मशाल जुलूस निकाला। जुलूस चंद्रेश्वर महादेव मंदिर से शुुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा। यहां आयोजित सभा में संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्बल चंद कुमाई ने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश में चार नये जनपदों के गठन की घोषणा की थी। नये जनपदों में यमुनोत्री, कोटद्वार, रानीखेत व डीडीहाट को शामिल किया गया था लेकिन घोषणा के 10 वर्ष बाद भी उक्त चारों जनपद अस्तित्व में नहीं आए हैं। अब समिति ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से सीएम पुष्कर धामी को ज्ञापन भी भेजा गया। मशाल जुलूस में विशालमणि रतूड़ी, महिपाल असवाल, रामानंद डबराल, भरत सिंह चौहान, अतोल सिंह रावत, राजेंद्र रावत, चंडी प्रसाद, सुनील थपलियाल, किताब सिंह, जयेंद्र सिंह आदि शामिल थे।