कपाट खुलने से पहले ही गंगोत्रीधाम में चहल-पहल शुरू हो गई है। 28 अप्रैल को कपाटोद्घाटन का साक्षी बनने के लिए कई देशी-विदेशी तीर्थयात्री तीन दिन पहले ही यहां डेरा जमा चुके हैं। मंगलवार को गुजरात का नौ सदस्यीय जत्था धाम में पहुंचा है। यात्रा को लेकर यात्रा से जुड़े व्यवसायियों में भी भारी उत्साह है। वे अपनी दुकानों को सजाने-संवारने में जुटे हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए धाम में इस बार इंतजाम दुरुस्त किए गए हैं। पड़ावों पर सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। ऊर्जा निगम ने गंगोत्री धाम में पहली बार ग्रिड की बिजली पहुंचाई है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही रौनक देखने को मिल रही है। उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री धाम तक दुकानदार छह महीने से बंद पड़ी अपनी दुकानें और होटलों को सजाने में जुटे हैं। इस बार अच्छी यात्रा की उम्मीद से व्यापारी और स्थानीय लोग उत्साहित हैं। गंगनानी के होटल व्यवसायी मनोज राणा के अनुसार 2013 में आई आपदा से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन पिछले वर्ष से यात्रा पटरी पर लौट आई है। इस बार सड़क दुरुस्त होने के साथ ही सुविधाएं बढ़ने से यात्रियों की संख्या भी और बढ़ने की उम्मीद है।
गंगोत्री में पूजा सामग्री के व्यापारी अनुज सेमवाल और होटल व्यवसायी कृतेश भट्ट के अनुसार यात्रा सीजन का माल उन्होंने दुकान में भर दिया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार यात्रा सीजन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचेंगे। मंगलवार को धाम पहुंचे गुजरात के तीर्थयात्री मोहन भाई ने बताया कि अभी तक उन्होंने टीवी पर ही गंगोत्री धाम देखा था। अब पहली बार धाम पहुंचकर उन्हें अच्छा लगा है।
घाटों का हो रहा सुधारीकरण
गंगोत्रीधाम में जिला प्रशासन की ओर से घाटों का सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। विगत वर्ष में आई अपदा के कारण यहां स्नान घाटों को काफी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में जिला प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए इन घाटों का सुधारीकरण करवा रहा है।
इस बार प्रसाद में मिलेगा चौलाई का लड्डू और हर्षिल का सूखा सेब
गंगोत्री-यमुनोत्री में में इस बार श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में चौलाई के लड्डू और हर्षिल के सूखे सेब मिलेगा। यह विशेष प्रसाद एक स्वयं सहायता समूह ने तैयार किया है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर समिति 21 रुपए, 51 रुपए, 101, 151, 201, 251, 501 रुपये में यह विशेष प्रसाद उपलब्ध कराएगी।
वायरलेस से घर पहुंचेगी यात्रियों की कुशलक्षेम
यात्रा मार्ग में कई पड़ावों पर नेटवर्क सुचारु रूप से काम नहीं करता है, लिहाजा इसके लिए पुलिस और वन विभाग के वायरलेस की मदद ली जाएगी। वायरलेस से यात्री अपना संदेश और घर का फोन नंबर कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएंगे और फिर कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी यात्री के संदेश को उसके घर तक पहुंचायेगा।
-डंडी-कंडी व घोड़े-खच्चर के लिए प्रीपेड काउंटर
यमुनोत्री के पैदल पड़ाव जानकीचट्टी से यमुनोत्रीधाम तक डंडी-कंडी और घोड़े-खच्चर उपलब्ध रहेंगे। इसके लिए प्रीपेड व्यवस्था शुरू की गई है। घोड़े-खच्चर की बुकिंग के लिए यात्री जानकीचट्टी में लगे काउंटर पर शुल्क जमा करेगा। इसके बाद काउंटर से मिली रसीद दिखाकर यात्री को घोड़ा उपलब्ध होगा। घोड़ा मालिक जानकीचट्टी लौटने पर यात्री द्वारा दी गई रसीद को काउंटर दिखाकर भुगतान ले सकेगा।
-यात्रा मार्ग में तैनात होंगी पांच चिकित्सा टीमें
जानकीचट्टी से यमुनोत्रीधाम के पैदल मार्ग में पिछले वर्ष चिकित्सा विभाग की तीन टीमें लगाई गई थी, इस बार पांच टीमें लगाई गई हैं। गंगोत्री से गोमुख जाने वाले मार्ग पर चार टीमें तैनात होंगी, जो जरूरतमंद यात्रियों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएंगी। यमुनोत्री मार्ग पर जानकीचट्टी के पास डाक्टरों की एक विशेष टीम तैनात होगी जो 50 साल से ऊपर के यात्रियों के ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की जांच करेगी।
-गंगा आरती का होगा लाइव प्रसारण
गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए इस बार बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। इससे यात्री बाहर से ही मंदिर के पूरे दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा पार्किंग से लेकर मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जायेंगे। शाम को गंगा आरती का लाइव प्रसारण होगा, श्रद्धालु अपने घर पर टीवी पर गंगा आरती को देख सकते हैं।