इस माह एक हफ्ते के भीतर दो बार हुई बारिश और बर्फबारी खेत और बागीचों के लिए संजीवनी मानी जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डा. वीके सचान का कहना है कि बारिश से गेहूं, सरसों, मटर आदि फसलों को पूर्व में सूखे से हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो जाएगी।
खेतों को नमी मिलने से किसानों को आगामी फसल में भी फायदा मिलेगा। उपला टकनौर, स्योरी फल पट्टी और नैटवाड़ सांकरी क्षेत्र में हुई बर्फबारी से सेब के पेड़ों की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता पूरी होने की उम्मीद है।
उधर, शनिवार को भारी बारिश और बर्फबारी के बाद रविवार को धूप खिलने से जनपद वासियों ने राहत की सांस ली। बर्फबारी से अवरुद्ध हुए यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर भी रविवार सुबह यातायात बहाल कर लिया गया।
बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर एसएस रॉय ने बताया कि सुक्की टॉप पर एक डोजर को नियमित तौर पर तैनात किया गया है।
शनिवार को बर्फबारी के दौरान भी रुक-रुककर बर्फ हटाने का काम किया गया। रविवार सुबह ही डोजर से बर्फ हटाकर हर्षिल तक यातायात सुचारु कर लिया गया। राड़ी टॉप में भी एनएच के अधिकारियों ने सुबह दस बजे तक यातायात बहाल करने में सफलता हासिल कर ली थी।
हर्षिल क्षेत्र में सन्नाटा
ऑफ सीजन के चलते सुक्की, हर्षिल क्षेत्र में तो सन्नाटा पसरा है, लेकिन चौरंगीखाल, राड़ी टॉप के होटल एवं ढाबा संचालकों के चेहरे पर्यटकों के पहुंचने से खिल गए।
हर्षिल से लौटे होटल एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि आजकल हर्षिल घाटी का नजारा देखने लायक है, लेकिन प्रचार-प्रसार और यात्री सुविधाओं के अभाव में यहां सन्नाटा पसरा है।