नौगांव क्षेत्र पंचायत की बैठक के दौरान सदन में बात रखते पंचायत प्रतिनिधि।
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बीडीसी बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा के दौरान संबंधित विभागों के लापरवाह रवैये पर रोष जताया। उन्होंने संबंधित विभागों से क्षेत्र की समस्याओं के प्रति गंभीर होने व शीघ्र समाधान करने की बात कही। इस दौरान बैठक में रवाईं घाटी को अलग जिला बनाने व यमुना घाटी में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने का प्रस्ताव पारित किया गया।
शुक्रवार को विकासखंड सभागार में ब्लाक प्रमुख सरोज पंवार की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य दलवीर चंद ने कहा कि नगर पंचायत नौगांव के वार्ड नंबर सात में बीते तीन माह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां हफ्ते में सिर्फ चार दिन सुबह एक घंटा पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद जल संस्थान लापरवाह बना हुआ है। क्षेत्र की सड़कों की बदहाली पर चर्चा के दौरान आधी अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे लोनिवि के सहायक अभियंता संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर नाराजगी जताते हुए ब्लाक प्रमुख ने सभी अधिकारियों को बीडीसी बैठक में पूरी तैयारी से आने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सदस्य आनंद राणा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में पूर्व की भांति सप्ताह में दो दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौर में जिला मुख्यालय से संबद्ध किए गए स्वास्थ्य कर्मियों को वापस उनके मूल तैनाती वाले अस्पतालों में भेजने की मांग की। इस मौके पर ज्येष्ठ उपप्रमुख किशन राणा, कनिष्ठ उपप्रमुख दर्शनी नेगी, प्रधान संगठन के अध्यक्ष बलवंत रावत, विकास मैठाणी, राकेश, परियोजना निदेशक संजय कुमार आदि तमाम पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।