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दुर्गम में तैनात कैंसर पीड़ित शिक्षक का निधन

Wed, 30 Dec 2015 09:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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कैंसर की बीमारी के इलाज के लिए दुर्गम से सुगम में तबादले की गुहार लगा रहे शिक्षक जोगेंद्र चौहान (34 वर्ष) का मंगलवार को देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में निधन हो गया।
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शिक्षक और उनके परिजन दो वर्षों से लगातार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, पर अधिकारी नहीं पसीजे। शिक्षक संगठन ने भी आला अधिकारियों और नेताओं से शिक्षक का सुगम में स्थानांतरण की मांग की थी। ट्रांसफर तो नहीं हुआ, लेकिन इलाज में विलंब होने से शिक्षक की मौत हो गई।


वर्ष 2011 में एलटी शिक्षक के तौर पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षक जोगेंद्र चौहान की प्रथम तैनाती दुर्गम राजकीय इंटर कालेज धौंतरी में हुई। वर्ष 2013 में वह कैंसर की चपेट में आ गए।
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उन्होंने विभागीय अधिकारियों से सुगम में तबादले का अनुरोध किया लेकिन विभाग ने मई 2014 में विभाग ने उनका तबादला सुगम की बजाय अति दुर्गम राइंका सांकरी में कर दिया।

शिक्षक का इलाज जौलीग्रांट और राजीव गांधी कैंसर अस्पताल दिल्ली में चल रहा था। तभी से शिक्षक और उनके परिजन देहरादून के आसपास कहीं सुगम में ट्रांसफर की मांग कर रहे थे।

उन्होंने शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजकीय शिक्षक संगठन ने भी निदेशालय में शिक्षक के सुगम में ट्रांसफर की मांग की थी। बीते दिनों हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां मंगलवार की रात उनका निधन हो गया।

जोगेंद्र अपने पीछे पत्नी, माता-पिता और दो भाईयों का भरापूरा परिवार छोड़ गए। शिक्षक के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को परिजनों ने मोरी में पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया।

राजकीय शिक्षक संघ ने शोक सभा कर शिक्षक के  निधन पर दुख प्रकट किया। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष उपेंद्र भंडारी, सचिव अतोल महर, डा. राधेश्याम बिजल्वाण, अर्जुन नेगी, शैला नेगी, धीरेंद्र  भंडारी, प्रकाश विद्वान आदि मौजूद रहे।

कोट
शिक्षक जोगेंद्र चौहान की बीमारी को देखते हुए उनका तबादला देहरादून और उसके आसपास किए जाने की संस्तुति का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया था। उनके परिजनों का आवेदन भी संस्तुति के साथ भेजा गया था।
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सतीश कुमार वर्मा, तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी, मोरी (उत्तरकाशी)
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