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तीर्थ पुरोहितों ने लगाया यमुनोत्री धाम की उपेक्षा का आरोप

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चारधाम यात्रा के प्रथम तीर्थ यमुनोत्री के प्रति शासन-प्रशासन के उपेक्षित रवैये से तीर्थ पुरोहितों में रोष है। चार माह पूर्व भूस्खलन से तबाह हुए यमुनोत्री पैदल मार्ग का विकल्प अभी तक तैयार नहीं होने व वर्षों से अधर में लटकी यमुनोत्री रोपवे योजना पर कार्य शुरू नहीं होने पर तीर्थ पुरोहितों ने नाराजगी जताई है।
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खरसाली स्थित यमुना मंदिर में पंच पंडा समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश उनियाल की अध्यक्षता में तीर्थ पुरोहितों की बैठक हुई। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि चार माह पूर्व जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भिंडियालीगाड़ के पास हुए भूस्खलन से तबाह हो गया था। प्रशासन ने यहां कामचलाऊ व्यवस्था तो की है, लेकिन अभी तक इस हिस्से में सुरक्षित आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग का काम शुरू नहीं हुआ है। लोनिवि ने इस हिस्से में पुल एवं स्थायी पैदल मार्ग बनाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिली है।
तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि वर्ष 2008-09 में खरसाली से यमुनोत्री धाम तक रोपवे स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2011 में इसका शिलान्यास करने के साथ ही वन भूमि हस्तांतरण आदि औपचारिकताएं भी पूरी की गईं, लेकिन अभी तक धरातल पर रोपवे का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इस मौके पर पुरुषोत्तम उनियाल, पवन प्रकाश उनियाल, गजेंद्र उनियाल, प्रमेश उनियाल, मुकेश, अंकित, पुलम दास सोनी आदि मौजूद रहे। इधर यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने भी भिंडियालीगाड़ वाले हिस्से में पुल एवं पैदल मार्ग निर्माण के लिए आपदा मद से बजट स्वीकृति को लेकर डीएम को पत्र लिखा है।
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